रुद्राक्ष What is Rudraksh
हिन्दू धर्रुम में रुद्राक्ष की बहुत महत्वता है. Types of Rudraksha and its benefits. एक प्रकार का प्राचीन धार्मिक उपकरण है जो भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। इसे शिव महादेव का प्रतीक माना जाता है और इसे शिव भक्ति के लिए उपयोग किया जाता है। रुद्राक्ष के प्रकार नियम और फायदे आज हम इस पोस्ट में जानेंगे.
मनुष्य को रुद्राक्ष कैसे धारण करना चाहिए और इसके क्या फायदे हैं आज हम इस पोस्ट के जरिये आपको बताएँगे.
रुद्राक्ष के प्रकार अलग-अलग होते हैं आइये इन प्रकार के बारे में हम जाने :-

रुद्राक्ष के प्रकार Types of Rudraksha
- एकमुखी रुद्राक्ष
- दोमुखी रुद्राक्ष
- त्रिमुखी रुद्राक्ष
- चारमुखी रुद्राक्ष
- पांचमुखी रुद्राक्ष
- छ:मुखी रुद्राक्ष
- सातमुखी रुद्राक्ष
- आठमुखी रुद्राक्ष
- नौमुखी रुद्राक्ष
- दसमुखी रुद्राक्ष
इनमें से प्रत्येक का अपना महत्व होता है। धारण करने से मान्यता है कि यह शरीर को स्वस्थ रखता है और मन को शांति प्रदान करता है।
रुद्राक्ष पहनने के नियम How to Wear Rudraksha
- रुद्राक्ष कलाई, गले और ह्रदय पर ही पहना जाता है। इसे गले में धारण करना सबसे अच्छा माना जाता है।
- हाथ पर 12, गले पर 36 और ह्रदय पर 108 दाने धारण किए जाते हैं।
- रुद्राक्ष का एक दाना भी धारण किया जा सकता है, पर दाना ह्रदय तक, लाल धागे में लटका होना चाहिए।
- इसे धारण करने का सबसे शुभ मुहूर्त शिवरात्रि, सावन का महीना या सोमवार का दिन माना जाता है।
- रुद्राक्ष धारण करने से पहले इसे शिव जी को समर्पित करना चाहिए और उसी माला पर मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- इसे पहनने वाले लोगों को सात्विक रहना चाहिए और मांसाहारी भोजन नहीं खाना चाहिए।
रुद्राक्ष धारण करने का फायदे Types of Rudraksha and its Benefits
- इसे धारण करने से तमाम तरह की शारीरिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।
- ह्रदय रोग से पीड़ित लोगों को रुद्राक्ष पहनने से बहुत लाभ होता है, ये बात वैज्ञानिक भी सिद्ध कर चुके हैं।
- रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति पर महालक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
- रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है साथ ही वो भाग्यशाली भी बनते हैं।

